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पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था

FY 2026-27 के लिए दोनों व्यवस्थाओं में आपका इनकम टैक्स, आपकी असल कटौतियों के साथ। वेतनभोगी निवासियों के लिए।

इनकम टैक्स, FY 2026-27

नई व्यवस्था में ₹83,200 की बचत

₹18,00,000 की आय पर नई व्यवस्था में ₹1,50,800 टैक्स, पुरानी में ₹2,34,000। पुरानी व्यवस्था तभी जीतती है जब आपकी कटौतियाँ (स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा) ₹6,41,667 से ज़्यादा हों; आप ₹3,75,000 क्लेम करते हैं।

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ब्याज, किराया आदि।
आपकी उम्र
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नियोक्ता NPS कटौती की सीमा तय करता है।
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दोनों व्यवस्थाओं में: बेसिक का 14% तक (नई), 10% (पुरानी)।

सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था

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HRA और 80C/80D कैलकुलेटर से निकालें।
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EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा, होम लोन का मूलधन। अधिकतम ₹1.5 लाख।
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ख़ुद रहने वाला घर, अधिकतम ₹2 लाख।
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शिक्षा लोन ब्याज, दान, बचत खाते का ब्याज।

हर व्यवस्था में टैक्स

नई व्यवस्था में दरें कम हैं और ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन है, पर लगभग कोई और कटौती नहीं। पुरानी व्यवस्था में वे बनी रहती हैं।

साल का कुल टैक्स
पुरानी व्यवस्था₹2,34,000
नई व्यवस्था₹1,50,800

आपके लिए नई व्यवस्था सस्ती है।

हर लाइन का हिसाब
हर लाइन का हिसाब
नई व्यवस्थापुरानी व्यवस्था
कुल आय₹18,00,000₹18,00,000
कटौतियाँ₹75,000₹4,25,000
कर योग्य आय₹17,25,000₹13,75,000
स्लैब पर टैक्स₹1,45,000₹2,25,000
छूट (87A)₹0₹0
सरचार्ज₹0₹0
सेस (4%)₹5,800₹9,000
कुल टैक्स₹1,50,800₹2,34,000
यह कैसे निकाला गया

नई व्यवस्था के स्लैब: ₹4 लाख तक शून्य, फिर हर ₹4 लाख पर 5%, 10%, 15%, 20% और 25%, और ₹24 लाख से ऊपर 30%। ₹12 लाख तक की कर योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं (87A छूट), उसके ठीक ऊपर मार्जिनल रिलीफ़।

पुरानी व्यवस्था: ₹2.5 लाख तक शून्य (60–79 पर ₹3 लाख, 80+ पर ₹5 लाख), ₹5 लाख तक 5%, ₹10 लाख तक 20%, उससे ऊपर 30%। ₹5 लाख तक की कर योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं।

टैक्स = स्लैब टैक्स − छूट + सरचार्ज, फिर + 4% सेस
सरचार्ज: ₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15%, ₹2 करोड़ से ऊपर 25% (पुरानी: ₹5 करोड़ से ऊपर 37%)

नियम FY 2026-27 के हैं, बजट 2026 में अपरिवर्तित। विशेष दर वाली आय (कैपिटल गेन) यहाँ शामिल नहीं है, और कटौती की सीमाएँ अपने आप लागू होती हैं।

यह योजना बनाने के लिए मार्गदर्शन है, टैक्स सलाह नहीं। अंतिम आँकड़े फ़ॉर्म 16 या टैक्स विशेषज्ञ से जाँचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरानी या नई टैक्स व्यवस्था में कौन बेहतर है?

नई व्यवस्था में दरें कम हैं और ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन है, पर लगभग कोई और कटौती नहीं। पुरानी व्यवस्था तभी जीतती है जब HRA, 80C, 80D, होम लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ काफ़ी बड़ी हों; कैलकुलेटर ब्रेकईवन रकम दिखाता है।

क्या नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय टैक्स-फ़्री है?

हाँ। FY 2026-27 में धारा 87A की छूट से ₹12 लाख तक की कर योग्य आय पर टैक्स नहीं लगता। वेतनभोगियों के लिए ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद ₹12.75 लाख तक का वेतन। कैपिटल गेन जैसी विशेष दर वाली आय पर छूट नहीं मिलती।

क्या हर साल व्यवस्था बदल सकते हैं?

बिना व्यावसायिक आय वाले वेतनभोगी हर साल रिटर्न भरते समय कोई भी व्यवस्था चुन सकते हैं। व्यावसायिक आय वाले सिर्फ़ एक बार नई व्यवस्था में वापस आ सकते हैं।

नई व्यवस्था में कौन-सी कटौतियाँ मिलती हैं?

मुख्य रूप से स्टैंडर्ड डिडक्शन और नियोक्ता का NPS योगदान (बेसिक का 14% तक)। HRA, 80C, 80D और ख़ुद के घर के होम लोन का ब्याज नहीं मिलता।